शनिवार 27 जून 2026 - 11:12
नाइजीरिया में आशूरा के जुलूस में इमाम हुसैन (अ) के लाखों अज़ादारो ने भाग लिया

नाइजीरिया के सौ से अधिक शहरों में आशूरा-ए-हुसैनी के अवसर पर जुलूस निकाले गए, जिनमें समाज के विभिन्न वर्गों से लाखों लोगों ने भाग लिया।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शेख इब्राहीम याक़ूब ज़कज़ाकी के नेतृत्व वाले इस्लामिक मूवमेंट ऑफ नाइजीरिया ने 1448 हिजरी के आशूरा जुलूसों का आयोजन देश के सौ से अधिक शहरों तथा कुछ पड़ोसी देशों में भी किया।

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ शहरों में ये जुलूस सुबह के शुरुआती समय में निकाले गए, जबकि कुछ स्थानों पर शाम के समय आयोजित किए गए। सभी क्षेत्रों में ये कार्यक्रम पूरी व्यवस्था, शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुए।

इन जुलूसों में पुरुषों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं, वयस्कों और बुज़ुर्गों सहित समाज के सभी वर्गों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रतिभागियों ने नारे लगाए, मर्सिये और नौहे पढ़े तथा आशूरा के दिन कर्बला की धरती पर पैग़म्बर-ए-इस्लाम (स) के पवित्र परिवार पर हुए अत्याचारों के प्रति अपने गहरे दुःख और शोक का इज़हार किया।

जुलूस में शामिल लोगों ने कर्बला की त्रासदी के दोषियों की कड़ी निंदा करते हुए बनी उमय्या तथा उस ऐतिहासिक अपराध के आदेश देने वालों और उसे अंजाम देने वालों के प्रति अपना घोर आक्रोश और घृणा व्यक्त की।

इस अवसर पर प्रतिभागियों के हाथों में "लब्बैक या हुसैन" लिखे हुए झंडे थे। साथ ही वे प्रतिरोध और इस्लामी जागरण आंदोलन के कई प्रमुख नेताओं और हस्तियों के चित्र भी लिए हुए थे, जिनमें इमाम ख़ुमैनी (र), शहीद सय्यद अली ख़ामेनेई, शहीद सय्यद हसन नसरुल्लाह, शहीद क़ासिम सुलेमानी तथा अन्य शहीदों के अलावा आयतुल्लाह सय्यद मुज्तबा ख़ामेनेई, शेख इब्राहीम ज़कज़ाकी के फ़ोटो शामिल थे।

जुलूस में भाग लेने वालों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वे इमाम हुसैन (अ) के आंदोलन के मार्ग पर निरंतर चलते रहेंगे और हर परिस्थिति में इमाम हुसैन (अ) के महान आंदोलन से प्रेरित आदर्शों और मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेंगे।

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